‘क्यूट’ से छोटी कारों को टक्कर देगी बजाज!

बजाज ऑटो ने फरवरी 2019 में व्यक्तिगत परिवहन के लिए क्यूट नाम से क्वाड्रिसाइकल को बाजार में उतारने की योजना बनाई है। कंपनी इसके जरिये छोटी कार विनिर्माताओं को कड़ी टक्कर दे सकती है। छोटी कार के विकल्प वाली यह क्वाड्रिसाइकल बेहतर माइलेज (एक लीटर में 30 किलोमीटर से अधिक) देगी और इससे कार की तुलना में प्रदूषण भी कम होगा।  इस क्वाड्रिसाइकल की उच्चतम रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी, जो इस सेगमेंट के लिए सरकार के नियमन के साथ ही भारतीय शहरों के अनुरूप है। वर्तमान में क्यूट की बिक्री केवल व्यावसायिक परिवहन के लिए की जा रही है लेकिन कुछ दिन पहले सरकार ने अधिसूचना जारी कर इसे व्यक्तिगत परिवहन के लिए भी इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी। बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने कहा, ‘क्यूट किफायती शहरी परिवहन का समाधान है। इसकी बंद बॉडी, सीट  बेल्ट और अन्य खूबियां सुरक्षित तथा सुगम परिवहन का विकल्प बनाती है और इसकी परिचालन लागत दोपहिया वाहन के बराबर ही है।’ उन्होंने यह भी कहा कि यह कार की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती है और ईंधन भी बचाती है।
बजाज ने कहा, ‘हम कार-विरोधी कंपनी हैं और हमारी रणनीति का मकसद खासतौर पर प्रदूषित तथा भीड़भाड़ वाले शहरों में रहने वाले लोगों को कार का कुशल विकल्प मुहैया कराना है।’  उन्होंने कहा कि व्यावसायिक इस्तेमाल वाले क्यूट मॉडल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और कंपनी बाद में इसका इलेक्ट्रिक संस्करण भी बनाएगी। बजाज ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत परिवहन वाला वाहन बनाने के लिए कंपनी को कोई अतिरिक्त निवेश करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास ऐसा संयंत्र है जो तिपहिया और क्यूट दोनों का उत्पादन कर सकती हैं।’ जब उनसे यह पूछा गया कि कितने वाहन का उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं, तो बजाज ने कहा, ‘जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी हम उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ा देंगे। हम उभरते बाजारों में निर्यात की संभावना भी तलाशेंगे।’
हालांकि क्वाड्रिसाइकल को अलग श्रेणी के वाहन के तौर पर वर्गीकृत करने की अनुमति को लेकर कार कंपनियां बजाज ऑटो से लंबी लड़ाई लड़ी हैं। कार कंपनियों को कहना है कि अगर व्यक्गित परिवहन के लिए इसकी अनुमति दी गई है तो इसके लिए कार की तरह ही उत्सर्जन एवं सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। हालांकि सरकार ने क्वाड्रिसाइकल के लिए उत्सर्जन एवं सुरक्षा के लिए अलग मानक तय किए हैं। मारुति सुजूकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा, ‘हमें कार की तरह नहीं दिखने वाले चारपहिया वाहन को चलाने में कोई समस्या नहीं है। लेकिन उसे भी कार की तरह ही उत्सर्जन एवं सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए। सवाल यह उठता है कि जब दोपहिया भी 2020 में बीएस 6 उत्सर्जन मानक को अपनाने जा रहे हैं, तो क्वाड्रिसाइकल के लिए अलग उत्सर्जन मानक क्यों होना चाहिए?’ लेकिन बजाज ऑटो का कहना है कि यह अलग श्रेणी का वाहन है और केवल चार पहिया भर होने से यह यात्री कार नहीं बन जाती। बजाज ने कहा कि वाहन की प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग मानदंड और नियमन होते हैं।

Post Author: NEWS NATIONAL

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